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सूचना भवन, देवघर, जिला जनसम्पर्क कार्यालय, दिनांक -01/05/2020

सूचना भवन, देवघर
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जिला जनसम्पर्क कार्यालय
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■ सभी श्रम करने वाले कामकाजी लोगों को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस की बधाई और शुभकामनाएं।
हम सभी जानते और मानते है मजदूर की मेहनत उसकी लाठी है, विकास की वो नींव है, हर बाधा को दूर करना उनके जीवन की सीख है।
#LaborDay2020
#StayHomeStaySafe
https://twitter.com/DCDeoghar/status/1256091111476453377?s=19

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#StayHomeStaySafe
#CleanDeogharGreenDeoghar
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#TeamPRD(Deoghar)


सूचना भवन, देवघर
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जिला जनसम्पर्क कार्यालय
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प्रेस विज्ञप्ति संख्या-810
दिनांक -01/05/2020
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■ कोरोना वारियर्स की एक मजबूत कड़ी है सखी मंडल की महिलाएं:- उपायुक्त....
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■ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर अपने खेतों में काम कर रही हैं महिला कृषक....
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■ सखी मंडल की सक्रिय महिलाओं द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने व कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की दी जा रही है जानकारी....
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वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं इसके रोकथाम हेतु समाजिक दूरी बनाये रखने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्य किया जा रहे है। साथ हीं लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे घर में हीं रहकर स्वयं को व अपने परिवार को सुरक्षित रखें एवं अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर हीं अपने घरों से बाहर निकलें व सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए कार्य करें।

इसी कड़ी में देखा जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलायें जागरूक हो कर अपने स्वास्थ्य का समुचित ध्यान रख रही हैं एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर अपने खेतों में काम कर रही हैं। सिर्फ इतना हीं नहीं उनके द्वारा कृषि संबंधी कार्यों को करते समय नाक-मुँह को ढँकने हेतु मास्क, रुमाल अथवा साफ सूती कपड़े का प्रयोग किया जा रहा है एवं थोड़े-थोड़े समय पर हाथों को साबुन और पानी से धोया जा रहा है। इसके अलावा पानी भरने हेतु उनके द्वारा चापाकल के समीप गोल घेरा का निर्माण किया गया है, ताकि पानी भरते समय वे एक दूसरे से समुचित दूरी पर खड़ा रहकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर सकें। सिर्फ इतना हीं नहीं ये सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रोजमर्रा के अन्य कार्य भी कर रही हैं एवं दूसरों को भी ऐसा करने हेतु प्रेरित कर रही है, ताकि लोग सजग व सतर्क रहते हुए कोरोना वायरस के संक्रमण से अपना व अपने परिवार का बचाव कर सकें।

ज्ञातव्य है कि वर्तमान में कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए इसके संक्रमण व फैलाव की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु लॉक डाउन के बाबजूद लोगों को स्वयं से सतर्क व सजग रहने की आवश्यकता है, परंतु जीवन निर्वाह के लिए आवश्यक रोजमर्रा के दैनिक कार्यों हेतु भी कभी-कभी लोगों को घर से बाहर निकलना पड़ रहा है, खासकर अभी खेती-बाड़ी का समय होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को घर से बाहर निकल कर खेतों में जाकर कृषि संबंधी आवश्यक कार्य करने पड़ रहे हैं। ऐसे में लोगों के एक-दूसरे के सम्पर्क में आने की संभावना बन जाती है। परन्तु स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से ग्रामीणों द्वारा एक- दूसरे के बीच सामाजिक दूरी बनाते हुए खेती-बाड़ी व रोजमर्रा के अन्य कार्य किये जा रहे हैं, जो कि वास्तव में सराहनीय है। सिर्फ इतना हीं इन महिलाओं द्वारा स्वयं तो विभिन्न स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय अपनाते हुए सोशल डिस्टेंस का पालन किया जा रहा हीं है साथ हीं दूसरे को भी ऐसा करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है।

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#TeamPRD(Deoghar)


सूचना भवन, देवघर
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जिला जनसम्पर्क कार्यालय
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प्रेस विज्ञप्ति संख्या-811
दिनांक -30/04/2020
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■ बाहर फंसे लोगों को वापस लाने की हो रही है बेहतर व्यवस्था:- उपायुक्त....
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■ सड़क मार्ग से 5 राज्य बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, तथा छत्तीसगढ़ में फंसे श्रमिकों को बस के माध्यम से लाने की सुविधा:- उपायुक्त....
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■ जिले में फंसे बाहरी राज्यों के लोगों को जल्द मिलेगी जाने की अनुमति:- उपायुक्त....
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■ सभी चेक पोस्ट पर सुरक्षा व्यवस्था हो बेहतर, ताकि घर आनेवाले लोगों को समस्या न हो:- पुलिस अधीक्षक.....
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उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्रीमती नैंसी सहाय व पुलिस अधीक्षक श्री पीयूष पांडे की संयुक्त अध्यक्षता में बाहर फंसे मजदूर तबके के लोगों और छात्रों को लाने व जिले में फंसे बाहरी राज्यों के लोगों, पर्यटकों को भेजने की व्यवस्था को लेकर समाहरणालय सभागार में समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया।

समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त श्रीमति नैंसी सहाय द्वारा जानकारी दी गई कि कि केंद्र व राज्य सरकार के निर्देशानुसार देवघर जिले के बाहर फंसे लोगों को वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए मापदंडों के अनुरूप ही उनके आवागमन हेतु तैयारी की जा रही है। जो लोग दूर के राज्यों में फंसे हैं उनको राज्य में वापस लाने में बस की सुविधा पर्याप्त नहीं होगी इस हेतु राज्य सरकारों ने कुछ स्पेशल ट्रेन चलाने की बात केंद्र सरकार से की है। लेकिन जो राज्य झारखंड के सटे हैं जहां से बसों से आवागमन की सुविधा की जा सकती है। वहां के लिए राज्य सरकार व जिला प्रशासन तैयारियां कर रही है। इस हेतु जल्द ही जिला प्रशासन द्वारा बसें भेजनी की तैयारियां की जा रहीं है। इसके बाद वापस आने वाले लोगों की सबसे पहले स्क्रीनिंग की जाएगी और आवश्यकता अनुसार होम क्वॉरेंटाइन या क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। अपना क्वॉरेंटाइन पूरा करने के बाद ही वे सामान्य रूप से रह पाएंगे।

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन्स के मुताबिक, बसों के जरिए अपने यहां के मजदूरों बंधुओं को वापस लाने का काम शुरू किया जाना है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन, सभी की स्क्रीनिंग समेत, सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ हर नियम का पालन करना जरूरी होगा।

■ जिले में प्रेवश हेतु सभी चेक पोस्ट पर स्वास्थ्य जांच के साथ आने वाले लोगों का किया जाएगा डॉक्यूमेंटेशन....
समीक्षा के क्रम में उपायुक्त श्रीमती नैंसी सहाय ने संबंधित अधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि के आने वाले सभी लोगों का स्वास्थ्य जांच और डॉक्यूमेंटेशन पूर्ण करने के उपरांत उन्हें होम क्वॉरेंटाइन में रहने के निर्देश के साथ सभी को उनके घरों तक पहुंचाया जाएगा। जांच में यदि कोई संदिग्ध मरीज पाया जाता है तो उसे क्वारंटाइन वार्ड या आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। आने वाले लोगों की डॉक्यूमेंटेशन में संबंधित चेक पोस्ट पर प्रतिनियुक्त अधिकारी, पुलिस कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी विशेष रूप से ध्यान देंगे, ताकि जरूरत पर ऐसे लोगों को तुरंत चिन्हित या ट्रेस किया जा सके।

■ बाहर फसे सभी लोगों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुचाया जाएगा:- उपायुक्त....
बैठक के दौरान उपायुक्त श्रीमती नैंसी सहाय ने संबंधित सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि देवघर जिला से सटे विभिन्न इलाके कई राज्यों की सीमा पर स्थित हैं। ऐसे में हजारों की संख्या में लोग अपने घर लौट रहे हैं और लॉकडाउन की स्थिति में वे सीमावर्ती क्षेत्रों में फंस गए हैं। इन सभी मजदूरों व अन्य लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में आपसी तालमेल के साथ संबंधित अधिकारी व पुलिस पदाधिकारी कार्य करें, ताकि की किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देशित किया कि किस राज्य और किन जिलों में कितने मजदूरों को भेजना है उस हिसाब से बसों की पर्याप्त व्यवस्था करें तथा बस रवाना करने के लिए प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर सभी को उनके गंतव्य स्थान तक भिजवाना सुनिश्चित किया जा सके।

■ वाहनों में सामाजिक दूरी, साफ-सफाई, और सुरक्षा के हो पुख्ता इंतजाम:- उपायुक्त.....
इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त श्रीमती नैंसी सहाय ने परिवहन कोषांग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि देवघर जिला से बाहर रह रहे श्रमिक बंधु को बस के माध्यम से लाने की व्यवस्था की जानी है। ऐसे में मुख्यतः 5 राज्य यथा बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, तथा छत्तीसगढ़ से जिले के फंसे हुए श्रमिकों को वापस लाने की व्यवस्था जिला प्रशासन के द्वारा की जानी है। सबसे महत्वपूर्ण उपयोग के पहले और बाद में बसों को पूरी तरह से सैनिटाइज भी करना है। साथ ही बसों में लोगों के बैठने की व्यवस्था मेंं शारीरिक दूरी का अनुपालन सुनिश्चित कराना है। साथ ही सभी बस चालकों और कर्मियों को कोविड-19 के रोकथाम और इससे सम्बंधित सुरक्षा के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी बस रवाना करने से पूर्व दी जाए।
इसके अलावे उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि रांची जो भी मजदूर ट्रेन से आएंगे उनको लाने की व्यवस्था भी जिला स्तर से की जानी है। ऐसे में उनको लाने की व्यवस्था हेतु जिला से बस को भेजा जाना है। इसको लेकर आवश्यक तैयारी और सुरक्षात्मक उपाय ससमय पूर्ण कर ली जाए।

■ क्वारंटाइन सेंटर में सभी मूलभूत सुविधाओं को रखे दुरुस्त:- उपायुक्त....
इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त श्रीमती नैंसी सहाय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाहर से आने वाले सभी लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधा हेतु सभी तैयारी दुरुस्त रखें, ताकि किसी प्रकार का उन्हें समस्या न हो। साथ ही उन्होंने कहा कि क्वारंटाइन सेंटर में सभी को अलग-अलग रखने की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि किसी तरह की परेशानी किसी व्यक्ति को न हो।

■ बाहर न निकलने की पाबंदी आपके स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए:- उपायुक्त....
बैठक के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी इस बात का ध्यान रखें कि लोगों में किसी तरह का डर का माहौल न बने। पूरे देश में लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए बाहर निकलने पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाई गई है। जिले के किसी भी व्यक्ति को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह सुनिश्चित कर लें। भूख की स्थिति उत्पन्न न हो। लोगों को दवा समेत अन्य जरूरी सामान उपलब्ध हों।

■ बिना पैनिक हुए लॉक डाउन के नियमों का करे पालन:- उपायुक्त....
बैठक के माध्यम से उपायुक्त श्रीमती नैंसी सहाय ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि बाहर से आने वालों लोगों का स्वागत करते हुए उनका सहयोग करें। किसी प्रकार की घबराने या पैनिक होने की आवश्यकता किसी को नही है। इस वैश्विक आपदा की इस घड़ी में आप सभी से आग्रह है कि सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करते हुए अपने घर में हीं सुरक्षित रहें। सबसे महत्वपूर्ण अफवाहों पर विराम लगाने में जिला प्रशासन का सहयोग करें, ताकि अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर उनपर सख्त कार्यवाही की जा सके। वर्तमान समय में बिना पैनिक हुए जिला प्रशासन का सहयोग करें।

■ सीमावर्ती इलाको और चेक पोस्ट पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था:- पुलिस अधीक्षक....
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री पीयूष पांडे ने संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि आने वाले दिनों लोगों की आवागमन में तेजी आएगी। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ जिले में प्रवेश करने वालों लोगों की ट्रेकिंग और निगरानी अति महत्वपूर्ण हो जाएगी। सर्विलांस टीम के अलावा सभी पुलिस पदाधिकारी और पुलिस के जवान पूरी सतर्कता और सावधानी से कार्य करें, ताकि सुरक्षा व्यवस्था और बाहर से आने वाले लोगों की निगरानी में कोई चूक न हो।

इस दौरान बैठक में उपरोक्त के अलावे उपविकास आयुक्त श्री शैलेन्द्र कुमार लाल, सिविल सर्जन श्री विजय कुमार, अपर समाहर्ता श्री चंद्र भूषण सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी, देवघर श्री विशाल सागर, अनुमंडल पदाधिकारी, मधुपुर श्री योगेंद्र प्रसाद, प्रशिक्षु आईएस श्री रवि आनंद, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री फिलबीयूस बारला, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी श्री उमाशंकर प्रसाद, निदेशक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण श्रीमती नयनतारा केरकेट्टा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री विशाल दीप खलको, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री विकास चंद्र श्रीवास्तव, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, मधुपुर, आपदा प्रबंधन पदाधिकारी श्री राजीव रंजन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रवि कुमार,जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी श्री ए०बी०रॉय, कार्यपालक दंडाधिकारी श्रीमती मीनाक्षी भगत, नजारत उपसमाहर्ता श्री अजय बड़ाइक, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी एवं विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री सचिवालय, रांची
विज्ञप्ति संख्या- 395/2020
01 मई 2020
मुख्यमंत्री आवास, रांची
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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की उपसमिति और पदाधिकारियों की हुई अहम बैठक
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मजदूरों की वापसी के बाद उनकी स्क्रीनिंग, भोजन व रहने की व्यवस्था और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की रणनीति पर हुआ विचार-विमर्श
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प्रवासी मजदूरों की झारखंड वापसी का सिलसिला शुरू, पहले चरण में हैदराबाद से 12 सौ मजदूरों को लेकर विशेष ट्रेन हो चुकी है रवाना, आज देर रात हटिया पहुंचेगी ट्रेन
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कोटा में फंसे विद्यार्थियों को दो विशेष ट्रेन से लाया जाएगा झारखंड,
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मजदूर और विद्यार्थी सब्र रखें, सभी को हर हाल में वापस लाएगी सरकार
प्रवासी मजदूरों समेत अन्य लोगों को वापस लाने के लिए सभी संसाधनों का किया जा रहा इस्तेमाल
ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजन के लिए आंतरिक क्षमता का होगा पूरा इस्तेमाल
श्री हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री, झारखंड
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर आज से प्रवासी मजदूरों की झारखंड वापसी का सिलसिला शुरू हो चुका है.
यह तबतक जारी रहेगा, जबतक लॉक डाउन की वजह से दूसरे राज्यों में फंसे मजदूर, किसान, विद्यार्थी और पर्यटक समेत अन्य लोगों को वापस नही ले आते हैं. मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मुख्यमंत्री आवास में मंत्रिमंडल की उपसमिति और पदाधिकारियों के साथ बैठक में बताया कि प्रवासी मजदूरों और विद्यार्थियों समेत अन्य लोगों को वापस लाने की अनुमति दिए जाने के 24 घंटे के अंदर इनकी वापसी का सिलसिला शुरु हो चुका है. जहां हैदराबाद से 12 सौ मजदूर लौट रहे हैं, वहीं झारखंड में फंसे पश्चिम बंगाल के मजदूरों को बस से वापस भेजा गया है औऱ वहां फंसे झारखंड के मजदूर इसी बस से वापस अपने घर आएंगे. उन्होंने बैठक में कोरोना संक्रमण को लेकर हो रहे बदलाव को लेकर बनाई जा रही कार्ययोजना की जानकारी देने के साथ माननीय मंत्रियों से सुझाव भी लिए, वहीं पदाधिकारियों से इससे निपटने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की पूरी जानकारी ली.

विशेष ट्रेन से आएंगे कोटा में फंसे विद्यार्थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के कोटा में झारखंड के लगभग 2883 विद्यार्थी अभी फंसे हुए हैं. इन विद्यार्थियों को वापस लाने के लिए दो विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई है. एक ट्रेन संभवतः आज रात औऱ दूसरी कल रवाना होगी. वहीं अन्य राज्यों में फंसे विद्यार्थियों और भेल्लोर समेत दूसरे राज्यों के अस्पतालों में इलाज कराने गए झारखंड के मरीजों को लाने की दिशा में भी सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है. बहुत जल्द इन्हें भी वापस लाया जाएगा.

पहले चरण में पड़ोसी राज्यों में फंसे मजदूर वापस आएंगे
मुख्यमंत्री को मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह ने बताया कि मजदूरों को चरणबद्ध तरीके से लाने के लिए कार्य योजना तैयार कर ली गई है. पहले चरण में बिहार, पश्चिम बंगाल, ओड़िसा, छत्तीसगढ़ ओऱ मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों से मजदूरों को बस से वापस लाया जाएगा. यहां लगभग 34 हजार झारखंड के मजदूर फंसे हुए हैं. इनकी पूरी सूची तैयार कर ली गई है. इसके उपरांत दूर के राज्यों से प्रवासी मजदूरों को विशेष ट्रेन से लाने की प्रक्रिया शुरु होगी. इसके अलावा जहां कम संख्या में लोग फंसे हैं, उन्हें हवाई जहाज से लाने पर भी सरकार विचार कर रही है.

अंतरराज्यीय और अंतर जिला आवागमन के लिए भी दिशा निर्देश जारी
मुख्यमंत्री को मुख्य सचिव ने बताया कि अंतरराज्यीय और अंतर जिला आवागमन को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दे दिए गए हैं. इसके अंतर्गत जो लोग अपने वाहन से आना चाहंगे, उन्हें संबंधित जिलों के उपायुक्त द्वारा पास निर्गत किया जाएगा. वहीं, राज्य के बाहर जो फंसे हैं, वे संबंधित जिले के उपायुक्त के पास के लिए आवेदन देंगे. अगर उन्हें किसी तरह की दिक्कतें आती हैं तो वे इसके लिए राज्य सरकार से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राज्य के अंदर दूसरे जिलों में फंसे लोग वहां के उपायुक्त से पास लेकर वापस आ सकेंगे, लेकिन यह पास एक निश्चित समय अवधि के लिए ही निर्गत किया जाएगा. इसका उन्हें हर हाल में पालन करना होगा.

मजदूरों की होगी स्क्रीनिंग, फिर भेजा जाएगा
बैठक में बताया गया कि लौटने वाले प्रवासी मजदूरों और विद्यार्थियों के चिकित्सीय जांच, भोजन औऱ रहने की व्यवस्था की जा रही है. लौटने के बाद उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जाएगा. इसके बाद उनके एक निश्चित किए गए जगह पर रहने की व्यवस्था की जाएगी. फिर, सभी का चिकित्सीय जांच कराया जाएगा. जो स्वस्थ पाए जाएंगे उन्हें घर भेजा जाएगा औऱ पूरी एहतियात बरतने का निर्देश दिया जाएगा, वहीं जिनमें थोड़ा सा भी संक्रमण का खतरा होगा, उसका कोविड अस्पताल अथवा उनके घर में ही क्वारेंटीन कर इलाज किया जाएगा.

मजूदरों की घर वापसी के बाद बढ़ेगी चुनौती, निपटने के लिए राज्य सरकार तैयार कर रही कार्य योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों प्रवासी मजदूरों की वापसी के बाद चुनौतियां बढ़ेंगी. खासकर उनको रोजगार देना सबसे बड़ा चैलेंज होगा. इस वजह से अभी से ही इस दिशा में कार्ययोजना तैयार की जा रही है. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए अलग-अलग वृहद कार्ययोजना बनाई जा रही है. राज्य के सभी उद्योग-धंधों का आकलन किया जा रहा है. इन उद्योग धंधों में लगभग 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देना सुनिश्चित करने के लिए सरकार कदम उठाएगी. सरकार की कोशिश यही है कि राज्य की आंतरिक क्षमता का पूरा इस्तेमाल हो, ताकि ना सिर्फ यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा, बल्कि दूसरे प्रदेशों के लोग भी यहां रोजगार करने के लिए आ सकेंगे.

मनरेगा का बढ़ेगा बजट, जिनका जॉब कार्ड नहीं होगा उनका बनाया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में मजदूरों के वापस लौटने पर उनके सामने रोजगार सबसे बड़ी समस्या होगी. ऐसे में इन मजदूरों को उनके घर पर ही रोजगार देने के लिए सरकार ने विस्तृत कार्ययोजना बनाई है. इसके तहत मनरेगा का बजट बढ़ाया जाएगा. इसमें नई योजनाओं को शामिल किया जाएगा और मनरेगा मजदूरी दर बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा जाएगा.

ई-संजीवनी व्यवस्था शुरू, टेलीमेडिसीन से मरीजों को मिलेगा परामर्श
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के अलावा दूसरे बीमारियों से ग्रसित मरीजों के इलाज को लेकर सरकार गंभीर है. इस सिलसिले में टेलीमेडिसीन की सुविधा शुरू की जा रही है और ई-संजीवनी की शुरूआत भी हो चुकी है. मरीज इसके माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श विशेषज्ञ डॉक्टरों से ले सकते हैं.

निजी अस्पताल नहीं खुले तो निबंधन रद्द होगा
मुख्यमंत्री को स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि अभी भी ज्यादा निजी अस्पताल औऱ नर्सिंग होम बंद हैं. इस कारण दूसरे रोगों के मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है. इस बाबत निजी अस्पताल के संचालकों को चेतावनी दी गई है कि वे अपने अस्पताल को खोलें, वरना उनका निबंधन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

राज्य में चिन्हित किए जा चुके हैं 34 कंटेनमेंट जोन
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने मुख्यमंत्री को बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर राज्य में 34 कंटेनमेंटे जोन चिन्हित किए गए हैं. इसके अलावा रांची अभी रेड जोन, 10 जिले ऑरेंज जोन और बाकी 13 जिले ग्रीन जोन में हैं. फिलहाल 800 से 900 सैंपलों के टेस्ट हर दिन किए जा रहे हैं.

इस बैठक में मंत्री श्री रामेश्वर उरांव, मंत्री श्री चंपई सोरेन , मंत्री श्री बन्ना गुप्ता और मंत्री श्री सत्यानंद भोक्ता के अलावा मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ नीतिन मदन कुलकर्णी और प्रधान सचिव श्री अविनाश कुमार मौजूद थे.

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#Team PRD (CMO)